Google की शुरुआत कैसे हुई

दोस्तों, अगर मैं आपसे कहूं कि कल का मौसम कैसा होने वाला है उसका हाल सुनाओ या सिनेमा हॉल में कौन सी नई पिक्चर लगी है उसके बारे में कुछ बताओ या फिर दुनिया के सबसे अमीर आदमी के बारे में जानकारी दो तो आप यह सब कैसे करेंगे ? दोस्तों, शुक्र है कि इस तरह के इतने सारे सवाल एक साथ आपसे 25 या 30 साल पहले नहीं पूछे गए, वरना आप बुरी तरह से परेशान हो जाते।

लेकिन आज के समय में इस तरह के सवालों का सुनते ही हम केवल एक ही चीज को याद करते हैं और हम केवल एक ही चीज के पास जाते हैं। वह है GOOGLE. आज के समय में गूगल बहुत ही बड़ा ब्रांड बन चुका है । यह आज की पीढ़ी के लिए एक वरदान की तरह है।

google ki history

आज अगर हमें किसी भी चीज के बारे में किसी भी तरह की जानकारी जाननी है तो हमें इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं है और ना ही हमें किसी जानकारी को पाने के लिए मोटी मोटी किताबें पढ़ने की जरूरत है।

हम एक क्लिक करके हमारे मतलब की जानकारी का पता लगा सकते हैं । दोस्तों यह सब संभव हो पाया है, तो केवल गूगल की वजह से Google ने हम सभी की ज़िंदगियों को आसान बना दिया है।

आज के समय में गूगल के बिना अपने जीवन की कल्पना करना भी मुशकिल हैं। हम अपने जीवन में हर तरह से Google से प्रभावित होते हैं। आज के समय में बच्चो से लेकर बड़े तक को google के बारे में पता है।

google company

आज हम किसी भी चीज के बारे में जानने के लिए केवल Google का दरवाज़ा ही खटखटाते हैं।
लेकिन दोस्तों , क्या आप जानते हैं आज से कुछ सालो पहले ऐसा कुछ नहीं था। आज से बीस साल पहले Google का इस दुनिया में कोई अस्तित्व नहीं था।

Internet कि दुनिया के कई आविष्कारों ने Google को दुनिया से अवगत कराया और इसके बाद से ही Google और भी बड़ा और विशाल होता चला गया।

क्या आप जानते हैं, कि दुनियां के बाकी बड़े आविष्कारों की ही तरह Google की शुरूआत भी बहुत ही छोटे पैमाने पर हुई थी। Google का सपना देखा था stanford University के दो छात्रों ने हालांकि उन्होंने Google को किसी भी तरह का मुनाफा कमाने के लिए नहीं बनाया था।

बल्कि शुरुआती दौर में उन्हें खुद भी नहीं पता था, कि गूगल आगे चलकर इतना विशाल रूप धारण कर लेगा। हालांकि गूगल वह पहला नहीं था जिसने इस दौर की शुरुआत की। आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि गूगल क्या है और इसकी शुरुआत आखिर कैसे हुई। तो चलिए शुरू करते हैं ।

Google का जन्म कैसे हुआ

पहले के समय में ऐसा होता था की अगर आपको इंटरनेट का इस्तेमाल करना है, तो आपको उसमें वेबसाइट का एड्रेस डालकर उस वेबसाइट का इस्तेमाल करना पड़ता था। इंटरनेट में ऐसी करोड़ों वेबसाइट थी जो इंटरनेट पर उपलब्ध थी।

लेकिन उस वक्त इंसान के पास ढेरों वेबसाइट में से किसी एक वेबसाइट को चुनकर उससे नतीजे पढ़ने का कोई प्रावधान नहीं था।

आपको केवल एक वेबसाइट का एड्रेस टाइप करना पड़ता था और उसमें जो भी नतीजा लिखा रहता था वह आपको अपने सामने मिल जाता था। इस परेशानी को मद्देनजर रखते हुए अमेरिका की stanford University के छात्रों ने मिलकर याहू Yahoo की स्थापना की।

Yahoo काफी कम समय में काफी ज्यादा प्रचलित हो गया। लेकिन कुछ समय बाद ही Yahoo की लोकप्रियता के कारण बड़े-बड़े बिजनेसमैन ने Yahoo के संस्थापक को से बात कर उसमें कंपनी के advertisement देने की बात की।

yahoo search engine

Yahoo इस बात पर राजी हो गया और फ़िर याहू पर कई सारे ऐड व कंपनियों के पोस्टर दिखाए जाने लगे। Yahoo क्या ऐसा करने से आम जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा ।

लोग Yahoo में दिखा ए जा रहे विज्ञापनों के कारण अपना कार्य ठीक तरह से नहीं कर पाते थे । Yahoo उस समय बहुत ज्यादा लोकप्रिय हुआ करता था और इसी कारण से यह उनकी ही तरह एक और सॉफ्टवेयर बनाए गए जिसका नाम था Excite । Excite और याहू लगभग एक ही तरह का काम करते थे,लेकिन दोनों के बीच काफ़ी कंपटीशन था।

हालांकि बाद में excite पर भी याहू की ही तरह कई सारे विज्ञापन और कंपनियों के पोस्टर दिखाए जाने लगे और इससे यह वेबसाइट अपना महत्व खोने लगी। इसके बाद अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के 2 छात्र Sergey Brin और Larry Page जोकि Stanford University में Phd के छात्र थे उन्होंने मिलकर गूगल के सर्च इंजन की संरचना की।

google ke founder

1996 मैं अपनी पीएचडी से संबंधित एक प्रोजेक्ट के लिए Sergey Brin और Larry Page ने कुछ अलग करने का सोचा। उनके दिमाग में यह ख्याल आया कि इंटरनेट में तो कई करोड़ों वेबसाइट हैं लेकिन हमें सब वेबसाइट के बारे में पता नहीं और ना ही हमें वेबसाइट के बीच चुनने का अधिकार है। उन्होंने सोचा कि क्यों ना वेबसाइटों की रैंकिंग की जाए

और फिर उन्हें एक जगह पर दिखाया जाए। ताकि इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे लोगों को सुविधा हो और उनके पास ज्यादा विकल्प उपलब्ध हो। Sergey Brin और Larry Page नई रैंकिंग करने का यह तरीका अपनाया था, कि जो शब्द जितनी ज्यादा बार सर्च किया गया हो उसे website में सबसे ऊपर की ओर दर्शाया जाएगा और फिर बड़ते से घटते क्रम में हजारों वेबसाइट एक ही स्थान पर दिखाई जाएंगी।

शुरुआत में Sergey Brin और Larry Page ने इसका नाम BACKRUB रखा था। लेकिन बाद में उन्होंने सोचा
कि इस वेबसाइट का नाम छोटा और काफी आकर्षक होना चाहिए इसलिए बाद में आगे चलकर उन्होंने इसका नाम गूगल रख दिया। “Google” के अर्थ कि अगर हम बात करें तो इसका अर्थ हमें गणित की भाषा में देखने को मिलता है।

Google का नाम असल में Google रखा गया था जो कि एक मैथमेटिकल टर्म है। इसका अर्थ होता है एक के पीछे सौ शून्य। इसका यह नाम उसकी infinity को दर्शाने के लिए रखा गया। 1998 में गूगल का पहला doodle homepage बनाया गया था।

Google की खास बात

Google में भी वही काम किया जो याहू और excite ने किया था। लेकिन तब भी आज गूगल पूरी दुनिया में नंबर वन है और इन दोनों वेबसाइट से आगे हैं । ऐसा इसलिए है क्योंकि गूगल ने पैसे कमाने के लिए अलग रणनीति चुनी।

Google , Yahoo और Excite के असफल होने का राज जानता था इसलिए वह ऐसा करते ही नहीं चाहता था कि उसकी वेबसाइट के साथ भी ऐसा ही हो। गूगल का यह मानना था कि जो भी व्यक्ति उनके वेबसाइट पर आए वह परिणामों से संतुष्ट होकर वह खुश होकर जाए

Sergey Brin और Larry Page कि इस नीति के कारण उन्हें काफी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा। कोई भी बड़ी कंपनी या बिजनेसमैन उनके ऐप पर इन्वेस्टमेंट नहीं कर रहे थे। Sergey Brin और Larry Page नहीं जल्द ही इसका उपाय ढूंढने की कोशिश की । उन्होंने पाया कि जब कोई व्यक्ति इंटरनेट पर किसी चीज को सर्च करता है, तो वह केवल उस एक प्रोडक्ट पर ही केंद्रित नहीं रहता।

उदाहरण के तौर पर मान लीजिए अगर मुझे इंटरनेट से एक किताब खरीदनी है, तो गूगल यह मानकर चलता है कि आप उस किताब के साथ-साथ एक पेन, पेंसिल या उस किताब से संबंधित चीज खरीदने के लिए भी इक्षुक होंगे। इसी बात को ध्यान में रखते हुए गूगल ने एक खोज से संबंधित अलग-अलग चीजें भी अपनी वेबसाइट पर दिखानी शुरू कर दी।

इसे एक idea की वजह से आज गूगल पूरी दुनिया में राज कर रहा है। Google is a vast term now
जबसे गूगल का आविष्कार हुआ है, तब से गूगल ने दोबारा कभी मुड़कर नहीं देखा। इसके बाद से ही गूगल विशाल होता चला गया।

एक बार लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लेने के बाद और अपनी वेबसाइट पर अच्छा खासा ट्रैफिक
इकट्ठा कर लेने के बाद गूगल ने आगे बढ़ना बंद नहीं किया।

सन 2000 में गूगल ने AdWords की शुरुआत की । इसके माध्यम से गूगल बड़ी-बड़ी कंपनियों का विज्ञापन इस पर देने लगी और आज Google AdWords दुनिया की सबसे बड़ी विज्ञापन कंपनी है। इसके माध्यम से ही कई बिज़नस सफल हुए हैं।

google adwords

गूगल बड़े बड़े बिजनेसमैन तथा कंपनियों का विज्ञापन करके पैसे कमाती है। इसके बाद सन 2004 में गूगल ने जीमेल ( Gmail ) को लांच किया था। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि कंपनी ने अप्रैल फूल वाले दिन जीमेल (Gmail) को लांच किया था।

उस वक्त गूगल ने जीमेल पर डाटा स्टोर करने के लिए काफी ज्यादा स्टोरेज दिया था जो कि वर्तमान के समय में और भी ज्यादा हो गया है। इसके बाद सन 2004 तथा 2005 के बीच Keyhole नाम की कंपनी को खरीद लिया । यह कंपनी में बनाने का काम करती थी।

जी हां यह वही कंपनी है जो कि वर्तमान के समय में गूगल मैप्स ( Google maps ) के नाम से जानी जाती है। Google maps आज के समय में अत्यंत सहायक वेबसाइट है। इसके कारण अक्सर देश विदेश में घूमने वाले
लोगों को काफी फायदा हुआ है। इसका इस्तेमाल करने से ही लोग अब नहीं जगह पर भटकते नहीं है।

google maps

सन 2006 में गूगल कंपनी ने YouTube खरीद लिया। यूट्यूब के खरीदे जाने के बाद से ही गूगल को नई ऊंचाइयों मिलने लगी। यूट्यूब आज दुनिया का नंबर वन वीडियो देखे जाने वाला ऐप है। यूट्यूब का इस्तेमाल कई करोड़ों लोग करते हैं।

सन 2007 में Google ने Android को भी अपने नाम कर लिया। आजकल हमें अधिकतर मोबाइल फोन में
Android operating system ही देखने को मिलता है। यह काफी लंबे समय से मोबाइल फोन का सबसे अच्छा ऑपरेटिंग सिस्टम माना जा रहा है।

सन 2008 में गूगल ने अपना खुद का ब्राउज़र इंटरनेट के बाजार में उतारा। इसका नाम था क्रोम ब्राउजर (chrome browser) आज के समय में यह दुनिया भर का सबसे पसंदीदा ब्राउज़र बना हुआ है। इस ब्राउज़र को गूगल ने 2 सितंबर 2008 को लांच किया था। सन 2011 में Google+ की शुरुआत की गई जिससे कि सोशल मीडिया का जन्म हुआ ।

इसमें live sharing feature शामिल थे जैसे कि Facebook or Twitter. 9 जुलाई 2012 में गूगल ने वॉइस सर्च की शुरुआत की। इस शुरुआत से ही आगे चलकर गूगल को अपना खुद का गूगल असिस्टेंट मिला। 2013 में गूगल ने अपनी और भी ज्यादा एडवांस टेक्नोलॉजी लांच की । Google Glass Market
में आया. जिसमे चश्मे के जरिये आप अपने Mobile को चला सकते हैं ।

सन 2016 में गूगल ने अपने बेहतरीन प्रोजेक्ट Google loon project की शुरुआत की। इस प्रोजेक्ट का महत्वपूर्ण उद्देश्य यही था कि दुनिया भर में जहां पर इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं है वहां के लोगों को इंटरनेट से अवगत कराया जाए। 2016 में गूगल ने खुद का फोन भी लांच किया। कई एडवांस फीचर के साथ गूगल ने Google pixle को लांच किया।

आज के समय में यह मोबाइल फोन युवाओं के बीच काफी ज्यादा लोकप्रिय हो चुका है। इस मोबाइल फोन के कैमरे की बात करें तो यह काफी शानदार कैमरे के साथ मिलता है। इसके साथ-साथ 2016 में गूगल ने Google Home को भी लांच किया था। Google होम के माध्यम से आप घर में उपलब्ध सभी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को से कनेक्ट कर सकते हैं

और उन्हें कुछ भी इंस्ट्रक्शन दे सकते हैं। सन 2017 में गूगल ने अपना एक बहुत ही बेहतरीन फीचर निकाला। यह feature है (Google lens) गूगल लेंस के माध्यम से आप किसी फोटो को इंटरनेट पर सर्च कर सकते हैं और उससे संबंधित कई सारी चीज आपके सामने उपलब्ध हो जाती हैं। पहले हमें शब्दों के रूप में गूगल के होम पेज पर लिखना होता था।

google lens

लेकिन गूगल लेंस के आने के बाद से अगर हम किसी फोटो के रूप में भी किसी चीज को सर्च करना चाहे तो ऐसा कर सकते हैं। इतना सब कुछ कर लेने के बाद भी गूगल अभी थमा नहीं है। गूगल को अभी बहुत आगे का सफर तय करना बाकी है।

Share market में Google

Google दुनिया की सबसे अमीर कंपनियों में से एक है। आज के समय में गूगल पूरी दुनिया पर राज कर रही है। 1996 में Sergey Brin और Larry Page द्वारा बनाए गए इस सॉफ्टवेयर की वर्तमान में लगभग 5 बिलीयन डॉलर के

करीब कीमत है। आप यह जानकर चकित रह जाएंगे कि Google कंपनी एक दिन में करीब 1 मिलियन डॉलर कमा लेती है जिसका अर्थ है करीबन 6,85,22,50,000 रुपए। Google कितने टॉप पर पहुंच जाने का यही कारण है कि गूगल ने कभी भी रुकने का नहीं सोचा तथा हमेशा आगे बढ़ता चला गया ।

Google के वजह से ही हम दिन चर्या की छोटी-छोटी समस्याओं को आसानी से तथा महज चंद सेकेंड में हल कर लेते हैं। वर्तमान के समय में Google के शहर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है ।

Google के मालिक कौन हैं

जैसा कि हम आपको पहले ही बता चुके हैं , ही गूगल को Sergey Brin और Larry Page द्वारा बनाया गया था । लेकिन वर्तमान में इसके chief executive officer ( CEO ) सुंदर पिचाई है जो कि भारत के मूल निवासी हैं ।

यह बेहद गर्व की बात है, कि Google जैसी दुनिया की नंबर वन कंपनी ने भारत के सुंदर पिचाई को अपने सीईओ के रूप में चुना।

इन लोगों के ही महत्वपूर्ण दिशानिर्देशों तथा मार्गदर्शन का ही नतीजा है कि आज Google दुनिया भर में इतना ज्यादा प्रचलित है। Google ने इंटरनेट की defination में एक बड़ा बदलाव ला दिया है। Google ने इंटरनेट दौर की क्रांति में अपना सबसे बड़ा तथा महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

Google के कारण ही आज दुनिया की अधिकतर चीज है आसान हो गई हैं । अन्तिम शब्द तो दोस्तों आज हमने Google के बारे में काफी कुछ जाना। आज हमने जाना कि Google का इतिहास कैसा रहा है
और Google आगे कैसे बढ़ता चला गया।

Google ने कई सारे मील के पत्थर स्थापित किए हैं। आज किसी व्यक्ति का Google कंपनी में काम करना किसी सपने को साकार करने से कम नहीं है। आजकल अधिकतर युवाओं का यह सपना है कि वह अच्छी तरह से पढ़ लिखकर Google की कंपनी में काम करें।

Google इंटरनेट क्रांति को एक नया मोड़ दिया है । आज हमने आपको यह भी बताया कि गूगल के मालिक कौन है तथा इसके वर्तमान सीईओ कौन है। आशा करते हैं अब आपको गूगल के बारे में लगभग सभी जानकारी मिल चुकी होगी। उम्मीद करते हैं कि आपका आज का आर्टिकल पसंद आया होगा।

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